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作者:建开马帝
来源:绿灯侠
发布时间:2026-08-26

方谬神探

活动报名 | 纪念“一二·九”运动系列主题活动,来啦!_我的网站

看不见的客人

A |     लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। गणेश चतुर्थी का पर्व आते ही मुंबई शहर का माहौल देखने लायक होता है। ये पूरा शहर और भी ज्यादा भक्ति से भर जाता है। इस मौके पर लाेग अपने घरों में बप्पा के मूर्ति की स्थापना करते हैं। इसी आस्था के बीच एक ऐसा स्थान है, जहां हर दिन लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं और बप्पा का आशीर्वाद पाते हैं। ये जगह है मुंबई का फेमस सिद्धिविनायक मंदिर। ये मंदिर अपने आप में एक खास पहचान रखता है। आइए मंदिर से जुड़ी बातों को जानते हैं विस्तार से -,भगवान गणेश, जिन्हें सिद्धिविनायक भी कहा जाता है, विघ्नहर्ता और सफलता देने वाले माने जाते हैं। नए काम की शुरुआत हो, जीवन में कोई भी कठिनाइयां हों या फिर ज्ञान और बुद्धि की कामना हो, हर भक्त यहां आकर उनका आशीर्वाद लेते हैं। यहां आकर जो भी सच्चे मन से अपनी कोई भी इच्छा बप्पा के सामने रखता है, उसकी मनोकामना जरूर पूरी होती है।,आपको बता दें कि सिद्धिविनायक मंदिर का निर्माण 18वीं शताब्दी में लक्स्मण विठू पाटिल और उनकी पत्नी देउबाई पाटिल ने कराया था। समय के साथ इसमें कई बार बदलाव हुए। आज ये एक भव्य मंदिर के रूप में सामने है। मंदिर की दीवारों, शिखरों और खंभों पर की गई सुंदर नक्काशी इसे और भी दिव्य बना देती है।, Image Credit- Freepik सिद्धिविनायक मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करते ही ऐसा लगता है मानो हम शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा की एक अलग ही दुनिया में आ गए हों। यहां भगवान गणेश जी मुख्य देवता के रूप में विराजमान हैं। प्रतिमा के चारों ओर फूलों, मालाओं और भक्तों द्वारा चढ़ाए गए प्रसाद से सजावट की जाती है। श्री सिद्धिविनायक की मूर्ति एक ही काले पत्थर से बड़ी बारीकी से बनाई गई है। इसकी ऊंचाई करीब ढाई फीट और चौड़ाई दो फीट है।,वहीं गणेश जी की सूंड दाहिनी ओर मुड़ी हुई है, जो बहुत दुर्लभ मानी जाती है। इस प्रतिमा के चार हाथ हैं। ऊपरी दाहिने हाथ में कमल, ऊपरी बाएं हाथ में परशु (कुल्हाड़ी), निचले दाहिने हाथ में जपमाला और निचले बाएं हाथ में मोदक से भरा कटोरा है। ये सभी चीजें शुभता और आशीर्वाद का प्रतीक मानी जाती हैं।,प्रतिमा पर एक खास चीज और देखने को मिलती है और वो है एक सर्प पवित्र जनेऊ की तरह बाएं कंधे से दाहिनी ओर पेट तक लिपटा हुआ है। ये मूर्ति की आध्यात्मिकता और आकर्षण को और बढ़ा देता है। इसके अलावा माथे पर तीसरी आंख की तरह एक दिव्य नेत्र बना है। जो महादेव का प्रतीक माना जाता है।, Image Credit- Instagram गणेश जी के दोनों ओर रिद्धि और सिद्धि देवी भी विराजमान हैं, जिन्हें समृद्धि और सफलता की प्रतीक माना जाता है। यही कारण है कि इस मंदिर को सिद्धिविनायक गणपति मंदिर कहा जाता है। यहां आकर कई भक्तों ने अपने जीवन में चमत्कारिक अनुभव भी शेयर किए हैं। हर दिन मंदिर में मंत्रोच्चारण और अगरबत्ती की खुशबू वातावरण को और भी पावन बना देती है।,

समाजसेवा में योगदान

ये मंदिर केवल पूजा का स्थान ही नहीं, बल्कि समाज सेवा का केंद्र भी है। यहां से शिक्षा, स्वास्थ्य, भोजन और ठहरने जैसी सुविधाएं जरूरतमंदों तक पहुंचाई जाती हैं।

दर्शन और आरती का समय

मंदिर में रोजाना अलग-अलग समय पर आरती और दर्शन होते हैं। उनके बारे में भी जानें-
  • काकड़ आरती (सुबह की आरती): सुबह 5.30 बजे से 6.00 बजे तक
  • दैनिक दर्शन: सुबह 6.00 बजे से दोपहर 12.00 बजे तक और दोपहर 12.30 बजे से शाम 7.00 बजे तक
  • धूप आरती: शाम 7.00 बजे
  • रात की आरती: 7.30 बजे से 8.00 बजे तक
  • शेज आरती (अंतिम आरती): रात 9.50 बजे
मंगलवार को यहां सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिलती है। खास मौकों जैसे विनायक चतुर्थी, संकष्टी चतुर्थी, माघी गणेश जयंती और भाद्रपद गणेश चतुर्थी पर तो यहां भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है।,सिद्धिविनायक मंदिर मुंबई के प्रभादेवी इलाके में है। आप यहां एऐसे पहुंच सकते हैं-
  • रेल से: दादर रेलवे स्टेशन सबसे नजदीक है, जहां से मंदिर सिर्फ 15 मिनट की दूरी पर है। आप पैदल जा सकते हैं या टैक्सी/ऑटो ले सकते हैं।
  • बस से: बसें भी दादर और प्रभादेवी के लिए आसानी से मिल जाती हैं।
  • एंट्री गेट: मंदिर में दो गेट हैं सिद्धि गेट (फ्री एंट्री, भीड़ ज्यादा) और रिद्धि गेट (पेड एंट्री, लाइन छोटी)। बड़े-बुजुर्ग लोगों, दिव्यांगजनों, एनआरआई और प्रेग्नेंट महिलाओं या शिशु वाली माताओं के लिए यहां पर खास व्यवस्था है।
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  • https://www.incredibleindia.gov.in/en/maharashtra/mumbai/siddhivinayak-temple
  • https://www.siddhivinayak.org/temple-schedule/
  • https://www.siddhivinayak.org/about-the-temple/
。    高举“一二·九”火炬          行今朝热血征程          时光雕刻着印记,残破的书页,铭记着历史的年轮在岁月无声的痕迹中沉沉老去。为纪念“一二·九”这一具有重要历史意义的日子,激发广大青年学子的爱国热情,弘扬爱国主义精神,我校计划举办以“高举“一二·九”火炬 行今朝热血征程”为主题的爱国系列活动。         活动主题          高举“一二·九”火炬 行今朝热血征程          活动对象          全日制在校学生          活动组织          校团委组织部          活动背景          “一二·九”运动 又称为“一二·九”抗日救亡运动。1935年12月9日,北平(北京)大中学生数千人举行了抗日救国示威游行,反对华北自治,反抗日本帝国主义,要求保全中国领土的完整,掀起全国抗日救国新高潮。“一二·九”运动公开揭露了日本帝国主义侵略中国,吞并华北的阴谋,打击了国民党政府的妥协投降政策,大大地促进了中国人民的觉醒。它标志着中国人民抗日民主运动新高潮的来到。         活动形式          01          演讲比赛          文章征集:不限题材,紧扣“高举“一二·九”火炬 行今朝热血征程”主题展开,主题鲜明、内容丰富,语言优美、表现力强,展示出当代大学生朝气蓬勃、奋发进取、爱国爱家、善于创造、勇于担当的精神面貌,弘扬出正确的价值观。必须为原创作品,不得抄袭、套改。

B |          活动时间          海选:12月4日          初赛:12月5日          复赛:12月8日          [报名截止日期:12月3日晚上18:00]          奖项设置          一等奖:1名          二等奖:2名          三等奖:3名          [获奖者会发放素拓分及颁发校级荣誉证书]          02          微视频作品征集活动          拍摄宣传爱国情怀团结精神微视频。拍摄视频时必须使用普通话,发音准确、声音洪亮、吐字清晰、语速适当、用词贴切、富有感染力。视频必须原创,不允许侵权,否则将被取消评比资格;视频作品必须为MP4格式,剪辑流畅。短视频时长不少于2分钟;视频横版与竖版皆可,另附150字以内作品介绍。         03          美术作品征集          手抄报、绘画、海报、漫画、书法、喷绘、展板等,题材不限。可以是纸质版或电子版,但最终都需要以电子版的形式将作品上交至指定邮箱。         04          早安经贸“一二·九”校园跑活动          我们将举办纪念“一二·九”运动校园跑活动,参与的同学均可获得小礼品一份,具体通知和安排另行通知。         注:作品可以是纸质版或电子版,但统一电子版将作品上传至QQ邮箱:[email protected],并命名为“一二·九”活动作品+题材+班级+姓名+联系方式”(征集截止时间为12月03日晚20:00)          报名及投稿方式          请使用QQ分别扫描以下二维码加入演讲、作品征集群及校园跑群,具体报名及投稿方式将会发至群中。         你想要重温“一二·九”历史          亲自翻开这一段热血的扉页吗          你想要亲身参与这一时刻          接过先辈们的激情与信念吗          快来参与纪念活动吧          期待你的加入~          END。

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Published on:20:06:16


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